बेंगलुरु भारत की तकनीकी राजधानी है, लेकिन यहाँ बुल टेम्पल (दोड्डा गणपति), उल्सूर झील का सोमेश्वर मंदिर और विश्व के सबसे बड़े ISKCON मंदिरों में से एक भी है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के इस शहर में भी वैदिक परंपराएं गहरी हैं। भूमध्य रेखा के निकट (13°N) होने से पूरे वर्ष सूर्योदय में केवल 37 मिनट का अंतर आता है।
बेंगलुरु जैसे व्यस्त शहर में दिन भर काम का दबाव रहता है, लेकिन राहु काल के दौरान कुछ कार्यों को टालना समझदारी है। इस समय कोई नया व्यवसाय शुरू करना, किसी अनुबंध या सौदे पर हस्ताक्षर करना, महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलना उचित नहीं माना जाता। विवाह, संपत्ति या वाहन की खरीदारी, और ऋण लेने जैसे बड़े निर्णय भी इस काल में न लें तो बेहतर रहता है। इन कार्यों को राहु काल के बाद के शुभ समय में करने से परिणाम अधिक अनुकूल मिलते हैं।
राहु काल में वे कार्य बिल्कुल सामान्य रूप से जारी रख सकते हैं जो पहले से चल रहे हों, क्योंकि यह प्रतिबंध केवल नई शुरुआत पर लागू होता है। इस समय पूजा, मंत्र जाप और ध्यान करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है, और राहु मंत्र का जाप तो इस काल में और भी फलदायी होता है। योजनाएं बनाना, पढ़ाई करना, और घर के नियमित काम निपटाना भी इस दौरान पूरी तरह उचित है। इस समय को सकारात्मक रूप से उपयोग करें और इसे केवल एक सावधानी की घड़ी मानें, न कि भय का कारण।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।