दिल्ली भारत की राजधानी और विश्व के सबसे पुराने शहरों में से एक है। यमुना किनारे अक्षरधाम मंदिर, मेहरौली में प्राचीन योगमाया मंदिर और हजारों पड़ोस के मंदिर यहाँ की पहचान हैं। दिल्लीवासियों के लिए सम्पत्ति के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर, नया व्यापार शुरू करने या यात्रा की योजना बनाने से पहले राहु काल देखना उतना ही स्वाभाविक है जितना मौसम की जाँच करना।
दिल्ली जैसे व्यस्त शहर में जहाँ हर दिन नए काम और नई शुरुआतें होती हैं, राहु काल के दौरान कुछ विशेष कार्यों से बचना समझदारी है। इस अवधि में कोई नया व्यवसाय शुरू करना, किसी समझौते या अनुबंध पर हस्ताक्षर करना, या महत्वपूर्ण यात्रा का आरंभ करना अशुभ माना जाता है। विवाह जैसे मंगल कार्य, संपत्ति या वाहन की खरीद, और कर्ज लेने जैसे वित्तीय निर्णय भी इस समय टालना उचित रहता है। इन कार्यों को राहु काल के बाद के शुभ मुहूर्त में करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
राहु काल में वे काम बिना किसी चिंता के जारी रखे जा सकते हैं जो पहले से चल रहे हों, क्योंकि यह रोक केवल नई शुरुआतों पर लागू होती है। इस समय ईश्वर की उपासना, मंत्र जाप और ध्यान विशेष रूप से लाभकारी होते हैं, और राहु मंत्र का जाप तो इस काल में और भी प्रभावशाली माना जाता है। पढ़ाई, योजना बनाना, और दैनिक घरेलू कार्य करना पूरी तरह ठीक रहता है। इस अवधि को सकारात्मक दृष्टि से देखें और इसे आत्मचिंतन व साधना का सुंदर अवसर मानें।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।