कोच्चि (कोचीन) केरल की व्यावसायिक राजधानी है, हमारे भारत नेटवर्क में 9.9°N पर सबसे दक्षिणी शहर। थ्रिक्काकरा वामनमूर्ति मंदिर, जहाँ ओणम की उत्पत्ति हुई, और चोट्टानिक्करा देवी मंदिर प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र हैं। केरल की पंचांग परंपराएं भारत में सबसे कठोर हैं। कोच्चि का सूर्योदय पूरे वर्ष केवल 22 मिनट बदलता है।
कोच्चि में राहु काल के दौरान कोई भी नया काम शुरू करने से बचें, जैसे नया व्यापार आरंभ करना, किसी समझौते या अनुबंध पर हस्ताक्षर करना, या महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलना। इस समय विवाह, गृह प्रवेश, संपत्ति या वाहन की खरीदारी, और बैंक से ऋण लेने जैसे बड़े निर्णय टालना ही समझदारी है। राहु काल में की गई शुरुआत अक्सर अधूरी रह जाती है या उसमें अप्रत्याशित बाधाएं आती हैं, इसलिए इन घंटों को सावधानी से लें।
राहु काल में वे काम बिना किसी चिंता के जारी रखे जा सकते हैं जो पहले से चल रहे हैं, जैसे दफ्तर का नियमित कार्य, पढ़ाई, या घर के रोज़मर्रा के काम। यह समय ईश्वर की आराधना, मंत्र जाप और मन को शांत करने के लिए बहुत उपयुक्त माना जाता है। राहु के उपाय जैसे "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" मंत्र का जाप इस काल में विशेष फलदायी होता है। योजनाएं बनाना, शोध करना और किसी विषय पर गहराई से सोचना भी इस समय में लाभकारी रहता है।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।