हैदराबाद में निजाम युगीन विरासत के साथ गहरी तेलुगु हिंदू परंपराएं हैं। काला पहाड़ की चोटी पर बिरला मंदिर और चिलकुर बालाजी, 'वीज़ा टेम्पल', जहाँ हर हफ्ते 1 लाख से अधिक भक्त आते हैं, यहाँ की पहचान हैं। सिकंदराबाद के निवासियों का राहु काल हैदराबाद जैसा ही होता है। कोलकाता से इस शहर का राहु काल एक ही दिन में 22 मिनट अलग हो सकता है।
हैदराबाद जैसे व्यस्त शहर में जहाँ हर दिन नए कारोबार और सौदे होते हैं, राहु काल के दौरान कुछ विशेष कार्यों से परहेज़ करना समझदारी है। इस समय कोई नया व्यापार शुरू न करें, किसी अनुबंध या दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से बचें। लंबी यात्रा का आरंभ, विवाह की रस्में, संपत्ति या वाहन की खरीद और किसी भी प्रकार के ऋण लेने का काम इस अवधि में टाल दें। ये निर्णय थोड़ी देर बाद लेने से परिणाम कहीं अधिक अनुकूल होते हैं।
राहु काल में वे काम बिना किसी चिंता के जारी रखे जा सकते हैं जो पहले से चल रहे हैं, जैसे दफ़्तर का नियमित कामकाज, पढ़ाई और योजना बनाना। यह समय ध्यान, पूजा और मंत्र जाप के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है। राहु के बीज मंत्र "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" का जाप इस काल में करने से राहु की पीड़ा शांत होती है। घर के साधारण कामकाज, बाज़ार से राशन लाना या पुराने पत्राचार निपटाना, ये सब इस समय में बिल्कुल ठीक हैं।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।