चेन्नई (मद्रास) तमिलनाडु की राजधानी है और शैव एवं वैष्णव परंपराओं का केंद्र है। माइलापोर का प्राचीन कपालेश्वर मंदिर और ट्रिपलिकेन का पार्थसारथी मंदिर, दोनों हजार साल से अधिक पुराने हैं। तमिल परंपरा में इसे राहु कलम कहा जाता है और इसका कड़ाई से पालन किया जाता है। 80.3°E पर चेन्नई का सूर्योदय मुंबई से 28 मिनट पहले होता है।
चेन्नई जैसे व्यस्त शहर में जहाँ हर दिन नए काम और बड़े फैसले होते रहते हैं, राहु काल के दौरान कुछ कार्यों से बचना समझदारी है। इस समय कोई नया व्यवसाय शुरू करना, किसी अनुबंध या समझौते पर हस्ताक्षर करना उचित नहीं माना जाता। महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलना, विवाह जैसे शुभ संस्कार करना, या संपत्ति और वाहन की खरीदारी इस काल में टालनी चाहिए। बैंक से कर्ज लेना या कोई बड़ा वित्तीय लेनदेन शुरू करना भी इस अवधि में वर्जित माना गया है।
राहु काल में वे काम बिल्कुल ठीक रहते हैं जो पहले से चल रहे हों, जैसे कि किसी जारी परियोजना पर काम जारी रखना या दफ्तर की नियमित जिम्मेदारियाँ निभाना। यह समय पूजा, मंत्र जाप और ध्यान के लिए बहुत अनुकूल है, विशेष रूप से राहु मंत्र का जाप इस काल में विशेष फल देता है। पढ़ाई करना, योजनाएँ बनाना और भविष्य के कार्यों की तैयारी करना इस दौरान लाभदायक रहता है। घर के नियमित काम, बाजार की छोटी खरीदारी और दैनिक दिनचर्या के काम भी इस समय बिना किसी चिंता के किए जा सकते हैं।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।