उज्जैन सप्त पुरियों में से एक और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का घर है, भारत के 12 सबसे पवित्र शिव तीर्थों में से एक। उज्जैन का वैदिक ज्योतिष में अनूठा स्थान है: यह सूर्य सिद्धांत की प्रधान मध्याह्न रेखा और प्राचीन भारतीय कालगणना का मूल शून्य देशांतर था। सिंहस्थ कुंभ मेला हर 12 वर्ष में 7.5 करोड़ तीर्थयात्रियों को खींचता है। महाकालेश्वर में हर अनुष्ठान उज्जैन के वास्तविक सूर्योदय से होता है।
उज्जैन जैसे पवित्र नगर में भी राहु काल के दौरान कुछ कार्यों को टालना बुद्धिमानी है। इस अवधि में कोई नया व्यापार या उद्यम शुरू न करें, किसी भी प्रकार के अनुबंध या समझौते पर हस्ताक्षर करने से बचें। महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत, विवाह के मुहूर्त, संपत्ति या वाहन की खरीद, और किसी से ऋण लेना या देना, ये सभी काम राहु काल में न करें।
राहु काल में पहले से चल रहे कार्यों को जारी रखना बिल्कुल ठीक है, इसमें कोई बाधा नहीं आती। यह समय पूजा, मंत्र जप और ध्यान के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, विशेषकर राहु मंत्र "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" का जाप इस काल में लाभकारी माना जाता है। पढ़ाई, योजना बनाना, दैनिक घरेलू काम और सामान्य दिनचर्या के कार्य इस अवधि में निर्बाध रूप से किए जा सकते हैं।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।