मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मभूमि और वैष्णव धर्म का पवित्रतम शहर है। मथुरा-वृंदावन जिले में 5,000+ मंदिर हैं, कृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी, ISKCON वृंदावन, राधा रमण, गोवर्धन पर्वत। भारत और विश्व के भक्त हर कार्य के लिए मुहूर्त की योजना बनाते हैं। ब्रज क्षेत्र में कोई भी शुभ अनुष्ठान राहु काल देखे बिना शुरू नहीं होता।
मथुरा जैसे पवित्र नगर में भी राहु काल के दौरान कुछ कार्यों से बचना बुद्धिमानी है। इस समय कोई नया व्यवसाय शुरू न करें, कोई अनुबंध या समझौते पर हस्ताक्षर न करें। महत्वपूर्ण यात्रा, विवाह, संपत्ति या वाहन की खरीद, और किसी भी प्रकार के ऋण लेने से इस अवधि में परहेज करें।
राहु काल में पहले से चल रहे काम जारी रखना बिल्कुल ठीक है, इसमें कोई बाधा नहीं आती। यह समय प्रार्थना, मंत्र जाप और विशेष रूप से राहु मंत्र "ॐ रां राहवे नमः" के पाठ के लिए बहुत उपयुक्त माना जाता है। पढ़ाई, योजना बनाना, और घर के रोजमर्रा के कामकाज निपटाना इस दौरान सहज और सामान्य रहता है। राहु के उपाय करने वालों के लिए यह वेला विशेष रूप से फलदायी हो सकती है।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।