हरिद्वार वह पवित्र स्थान है जहाँ पवित्र गंगा हिमालय से मैदानी इलाकों में उतरती है। हर की पौड़ी घाट पर सूर्योदय और सूर्यास्त पर गंगा आरती होती है, समय पवित्र है। हरिद्वार चार कुंभ मेला स्थलों में से एक है। प्रत्येक श्रद्धालु के लिए गंगा में स्नान से पहले सटीक राहु काल जानना आवश्यक है।
हरिद्वार जैसे पवित्र नगर में भी राहु काल के दौरान कुछ कार्यों से बचना समझदारी है। इस अवधि में कोई नया व्यापार या उद्यम शुरू न करें, किसी अनुबंध या समझौते पर हस्ताक्षर न करें। महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत, विवाह, संपत्ति या वाहन की खरीद और ऋण लेने जैसे कार्य भी इस समय टालना उचित रहता है।
राहु काल में जो काम पहले से चल रहे हैं उन्हें जारी रखना बिल्कुल ठीक है, इसमें कोई बाधा नहीं। यह समय प्रार्थना, मंत्र जाप और ध्यान के लिए अच्छा माना जाता है, विशेष रूप से राहु मंत्र "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" का जाप इस काल में लाभकारी होता है। पढ़ाई, योजना बनाना और दैनिक घरेलू कार्य जैसे सफाई या खाना पकाना भी इस दौरान सहज रूप से किए जा सकते हैं।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।