जयपुर, राजस्थान का गुलाबी शहर, प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर (सिटी पैलेस में भगवान कृष्ण की मूर्ति), गलता मंकी टेम्पल और व्यापार समुदाय के प्रिय मोती डूंगरी गणेश मंदिर का घर है। राजस्थानी व्यापारी परिवार मुहूर्त को व्यापारिक निर्णय जितनी ही गंभीरता से लेते हैं। 75.8°E पर जयपुर का सूर्योदय दिल्ली से 28 मिनट बाद होता है।
जयपुर में राहु काल के दौरान कोई भी नया कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। इस समय नया व्यापार शुरू करना, किसी अनुबंध या समझौते पर हस्ताक्षर करना, महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलना, विवाह जैसे शुभ कार्य करना, संपत्ति या वाहन खरीदना और ऋण लेना या देना, ये सब कार्य अशुभ माने जाते हैं। गुलाबी नगर जयपुर में व्यापारी वर्ग विशेष रूप से इस समय नई दुकान खोलने या नया सौदा तय करने से परहेज करते हैं। राहु काल में शुरू किए गए कार्यों में अवरोध और हानि की संभावना अधिक रहती है, इसलिए इस अवधि में नई शुरुआत टालना ही समझदारी है।
राहु काल में पहले से चल रहे कार्यों को जारी रखना पूरी तरह उचित है, इसमें कोई बाधा नहीं आती। यह समय ईश्वर की उपासना, मंत्र जाप और ध्यान के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। पढ़ाई करना, योजनाएं बनाना, दैनिक घरेलू कार्य निपटाना और नियमित दिनचर्या का पालन करना इस अवधि में बिल्कुल ठीक रहता है। राहु के उपाय जैसे राहु मंत्र का जाप इस काल में करना विशेष फलदायी होता है, क्योंकि यह समय राहु की ऊर्जा से जुड़ा होता है और उपाय अधिक प्रभावशाली बनते हैं।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।