सूरत गुजरात की हीरा और वस्त्र राजधानी है, विश्व के 90% हीरे यहाँ काटे और पॉलिश किए जाते हैं। यहाँ की स्वामिनारायण संस्था, जैन समुदाय और पारंपरिक हिंदू परिवार सभी वैदिक मुहूर्त का पालन करते हैं। 72.8°E पर सूरत का सूर्योदय गुजरात में सबसे देर से होता है।
सूरत जैसे व्यस्त व्यापारिक शहर में राहु काल के दौरान कोई नया कारोबार शुरू करना, किसी सौदे या अनुबंध पर हस्ताक्षर करना उचित नहीं माना जाता। इस समय महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलना, विवाह जैसे शुभ संस्कार करना या संपत्ति तथा वाहन की खरीद से भी बचना चाहिए। बैंक से कर्ज लेने या देने की प्रक्रिया भी राहु काल में न शुरू करें, क्योंकि इस अवधि में आरंभ किए गए कार्यों में अड़चनें आने की संभावना अधिक रहती है।
राहु काल में जो काम पहले से चल रहे हैं उन्हें जारी रखना पूरी तरह ठीक है, इसलिए अपनी दिनचर्या बिना चिंता के चलने दें। इस समय राहु मंत्र "ॐ रां राहवे नमः" का जप करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है क्योंकि यह राहु की ऊर्जा को अनुकूल बनाता है। पूजा, ध्यान, पठन-पाठन और आगे की योजनाएं बनाना भी इस अवधि में बिल्कुल उपयुक्त है। घर के नियमित काम जैसे सफाई, खाना बनाना या दफ्तर का रोज़मर्रा का काम भी राहु काल में निर्विघ्न किए जा सकते हैं।
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।